ये सोना गोरे सू
रतिया पे काला ढढीया निक लागे ल
तोहरा आगे भी चांद सूरज फिक लागे ल .
ये सोना गोरे सूरतिया पे काला ढढीया निक लागे ल
तोहरा आगे भी चांद सूरज फिक लागे ल
कौनो सबटिया के लगी न नज़रवा
काला टीका कके पिया, निकल बहरवां
कौनो सबटिया के लगी न नज़रवा
काला टीका कके पिया, निकल बहरवां
सोना चांदी हीरा मोती, चाही न ग़हनवा
हमर ल ये हो राजा तूही बड़ा खजनवा
सोना चांदी हीरा मोती, चाही न ग़हनवा
हमर ल ये हो राजा तूही बड़ा खजनवा
तोहसे लड़वो करब, प्यार करबो करब
तोहरे साथे पूरा जिंनगी जीयब
मरबो करब
अरे करि कौनों टोनवा ऐसे
जाइब बरहवां,
काला टीका क के पिया, निकल बरहवां
कौनो सबटिया के लगी न नज़रवा
काला टीका क के पिया, निकल बहरवां
अज के जमनवा में, बिगड़ल लईकिया
दोसरे के मरद प, सेके ल से आंखीया।
अज के जमनवा में, बिगड़ल लईकिया
दोसरे के मरद प, सेके ल से आंखीया।
सबकी नज़रे से तोहके बचा के रखब है
कितनो जादू करिहें, हमरे बना के रखीह
बात हमर मान जा ये बार जाहिह शहरवा
काला टीका क के पिया, निकल बरहवां
कौनो सबटिया के लगी नज़रवा
काला टीका क के पिया, निकल बहरवां
आव आव ये जितिया माई हमार अंगना
तनी निहाय खइया,थमी परविया नौमि न
जितिया गीत परविया कईली निर्जल
जितिया माई सोने के भोग हम लगाइ

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