ये सोना गोरे सू रतिया पे काला ढढीया निक लागे ल तोहरा आगे भी चांद सूरज फिक लागे ल . ये सोना गोरे सूरतिया पे काला ढढीया निक लागे ल तोहरा आगे भी चांद सूरज फिक लागे ल कौनो सबटिया के लगी न नज़रवा काला टीका कके पिया, निकल बहरवां कौनो सबटिया के लगी न नज़रवा काला टीका कके पिया, निकल बहरवां सोना चांदी हीरा मोती, चाही न ग़हनवा हमर ल ये हो राजा तूही बड़ा खजनवा सोना चांदी हीरा मोती, चाही न ग़हनवा हमर ल ये हो राजा तूही बड़ा खजनवा तोहसे लड़वो करब, प्यार करबो करब तोहरे साथे पूरा जिंनगी जीयब मरबो करब अरे करि कौनों टोनवा ऐसे जाइब बरहवां, काला टीका क के पिया, निकल बरहवां कौनो सबटिया के लगी न नज़रवा काला टीका क के पिया, निकल बहरवां अज के जमनवा में, बिगड़ल लईकिया दोसरे के मरद प, सेके ल से आंखीया। अज के जमनवा में, बिगड़ल लईकिया दोसरे के मरद प, सेके ल से आंखीया। सबकी नज़रे से तोहके बचा के रखब है कितनो जादू करिहें, हमरे बना के रखीह बात हमर मान जा ये बार जाहिह शहरवा काला टीका क के पिया, निकल बरहवां कौनो सब...
जितिया परविया कईली निर्जल उपसल jitiya geet lyrics in hindi जितिया परविया कईली निर्जल उपसल,मोर मईया हे। आ जइहें हमरो अंगनवा, जितिया माई हे। आ जइहें हमरो अंगनवा, जितिया माई हे। मडुआ के रोटी बनावली नेनुआ के सगिया, जितिया माई हे। हमरे घर पायिह भोजनवा, जितिया माई हे। हमरे घर पायिह भोजनवा, जितिया माई हे। फलवा फलहरिया लैली अंकुरि अनरसा, जितिया माई हे। हमरे घर पायिह भोजनवा, जितिया माई हे। हमरे घर पायिह भोजनवा, जितिया माई हे। मांग में सिंदुर्वा दिह गोदी में बलकवा, जितिया माई हे। युग युग जिये मोर लालनव, जितिया माई हे। युग युग जिये मोर लालनव, जितिया माई हे। जितिया परविया कईली निर्जल उपसल,मोर मईया हे। आ जइहें हमरो अंगनवा, जितिया माई हे। आ जइहें हमरो अंगनवा, जितिया माई हे। हम करबो तोहरो पूजनवा, जितिया माई हे। हम करबो तोहरो पूजनवा, जितिया माई हे। और अधिक जितिया गीत आव आव ये जितिया माई हमार अंगना तनी निहाय खइया,थमी परविया नौमि न जितिया गीत परविया कईली निर्जल जितिया माई सोने के भोग हम लगाइ ये भी पढ़ सकते है काली काली कोयलिया रे , तोर कितन सुन्दर बोल हरि हरि तुलसी के पतवा, तुलसी - Chhath Puja Ke 1...